नवांशहर/बरनाला: विवादित वीडियो मामले को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के खिलाफ सिख संगठनों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा मामले में सख्त रुख अपनाए जाने के बाद बुधवार को नवांशहर और बरनाला में ‘वारिस पंजाब दे’ समेत विभिन्न सिख जत्थेबंदियों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और उनके इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कथित वीडियो मामले से सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से वीडियो की जांच दो फॉरेंसिक लैब्स से करवाई गई थी, जिनकी रिपोर्ट में वीडियो को वास्तविक बताया गया है और इसे एआई जनरेटेड या छेड़छाड़ किया हुआ नहीं पाया गया।
कचहरी चौक और अन्य स्थानों पर एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री पर लगे आरोपों को लेकर इतनी गंभीर टिप्पणियां सामने आई हैं तो उन्हें नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
प्रदर्शन के बाद संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल के नाम मांग-पत्र सौंपा। मांग-पत्र में मुख्यमंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने, मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और पूरे घटनाक्रम की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।
वारिस पंजाब दे के जिला अध्यक्ष प्रभजोत सिंह ने कहा कि सिख समाज की भावनाओं और श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा से जुड़े मामलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस मामले में स्पष्ट जवाब नहीं देती तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि सिख समाज की आस्था और सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट करने की भी मांग की।
इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।

