*”बूटा सिंह के बेटे ने खेला दलित पत्ता: कांग्रेस हाईकमान को सन्देश चन्नी को बनाओ CM का चेहरा, भूपेश बघेल की मीटिंग से पहले दलित कार्ड चला”*
चन्नी संग प्रेस कांफ्रेंस कर करी मांग दलित मुख्यमंत्री बनाओ
चंडीगढ़:, 10 जुलाई, पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर हलचल तेज हो गई है। प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल से औपचारिक मुलाकात से पहले पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
सूत्रों के अनुसार चन्नी ने बघेल से मिलने से ठीक पहले दिवंगत केंद्रीय मंत्री बूटा सिंह के बेटे से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद बूटा सिंह के बेटे ने चन्नी के साथ प्रेस कांफ्रेस में खुलकर मांग की कि *”चरणजीत सिंह चन्नी को ही मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया जाना चाहिए” इतना ही नहीं, बूटा सिंह के बेटे के साथ दलित नेता गुरकीरत कौर एडवोकेट के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस भाग लिया ओर एक सुर में कहा कि *”दलितों को मुख्यमंत्री का पद मिलना चाहिए। हमने ये मांग पहले भी राहुल गांधी के सामने रखी थी”*।
सियासी जानकारों का मानना है कि बघेल की मीटिंग से पहले चन्नी का ये पूरा घटनाक्रम महज संयोग नहीं है। एक तरफ बूटा सिंह परिवार का खुला समर्थन, दूसरी तरफ दलित नेताओं के साथ मंच साझा कर CM पद की मांग – इसे हाईकमान तक सीधा संदेश पहुंचाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। कि कल की मुलाकात से पहले आलाकमान उनका यह संदेश सुन ले ओर इसके ऊपर कोई मन बनाए ओर भूपेश बघेल भी इसके ऊपर मुलाकात से पहले अपना मन बनाकर या आलाकमान से बात करके आये।
गौरतलब है कि कांग्रेस ने पहले ही राज कुमार वेरका और डेनी बंडाला को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर दलित नेतृत्व को अहमियत दी है। ऐसे में चन्नी द्वारा दलित CM की मांग दोहराए जाने से पार्टी के अंदर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अब सबकी नजरें भूपेश बघेल की चन्नी से मुलाकात के बाद दिल्ली भेजी जाने वाली रिपोर्ट और आलाकमान के फैसले पर टिकी हैं। क्या कांग्रेस पंजाब में एक बार फिर जाति की राजनीति करती हुई दिखाई देगी या फिर सिर्फ किसी व्यक्ति विशेष की जगह सिर्फ कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर राहुल गांधी ओर खड़गे की तस्वीर के साथ ही चुनाव मैदान में कूदेगी।
