चंडीगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली की समीक्षा, साइबर क्राइम और ट्रैफिक प्रबंधन को और मजबूत करने के निर्देश

यूटी चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद की अध्यक्षता में मंगलवार को चंडीगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली, कानून व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, पुलिस आधुनिकीकरण और विभिन्न चल रही परियोजनाओं एवं सुधारों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गृह सचिव मंदीप सिंह बराड़, डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा, आईजीपी पुष्पेंद्र कुमार, एसएसपी सिक्योरिटी एवं ट्रैफिक सुमेर प्रताप सिंह, एसएसपी सिटी कंवरदीप कौर, अतिरिक्त सचिव गृह अमित कुमार सहित चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने शहर की मौजूदा कानून व्यवस्था, अपराध स्थिति, दोषसिद्धि दर, तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, ट्रैफिक प्रबंधन पहल, साइबर क्राइम मॉनिटरिंग सिस्टम, पुलिस कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की कार्यप्रणाली तथा विभिन्न आधारभूत ढांचा एवं आधुनिकीकरण परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। साथ ही सेन कॉप्स (CenCOPS)के क्रियान्वयन, वाहनों की खरीद, बजट उपयोग और पुलिस विभाग में रिक्त पदों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि यूटी चंडीगढ़ तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में अग्रणी है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि साइबर अपराध पर निगरानी और नियंत्रण के लिए सेन कॉप्स (CenCOPS) के तहत जांच एवं संतुलन से जुड़े सिस्टम और प्रोटोकॉल तैयार कर लिए गए हैं, जिन्हें जल्द लागू किया जाएगा। पुलिस रेडियो संचार प्रणाली को एनालॉग से डिजिटल मोड में बदलने की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा नए पुलिस थानों के निर्माण से संबंधित परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई।
मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने चंडीगढ़ पुलिस की समग्र तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि चंडीगढ़ दो राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश की राजधानी होने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण संस्थानों और प्रमुख बाजारों वाला शहर है, इसलिए पुलिस बल, संचालन क्षमता और विशेष प्रशिक्षण को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिसिंग में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एस ओ पी) लागू की जाए तथा बॉडी कैमरा फुटेज की नियमित और औचक निगरानी की जाए।
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से जघन्य अपराधों, एनडीपीएस मामलों और साइबर अपराध मामलों में दोषसिद्धि दर बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने साइबर अपराध के प्रति आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान चलाने तथा उभरते साइबर खतरों से निपटने के लिए संस्थागत क्षमता और विशेषज्ञ कौशल को मजबूत करने के निर्देश दिए।
ट्रैफिक प्रबंधन की समीक्षा करते हुए उन्होंने विशेष रूप से विद्यार्थियों के बीच सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान तेज करने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि ट्रैफिक सिग्नल प्रबंधन प्रणाली को ट्रैफिक के दबाव के अनुसार अधिक गतिशील बनाया जाए ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारू रहे और जाम कम हो।
