चंडीगढ़ में दिनदहाड़े फायरिंग: दवाई की दुकान में घुसकर युवक पर बरसाईं गोलियां
CCTV फुटेज आया सामने हमलावर ऑटोमेटिक हथियार से गोलियां चला रहे है
चंडीगढ़ 13 जून शहर के सेक्टर-11 स्थित पीजीआई के नजदीक एक मेडिकल स्टोर पर मंगलवार दोपहर हुई फायरिंग की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोपहर करीब 2:30 बजे एक्टिवा पर सवार तीन अज्ञात हमलावर कुमार मेडिकल स्टोर के बाहर पहुंचे और दुकान को निशाना बनाते हुए कई राउंड फायरिंग कर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तीन युवक एक्टिवा पर सवार होकर मेडिकल स्टोर के बाहर पहुंचे। दुकान के सामने रुकते ही उन्होंने अचानक गोलियां चलानी शुरू कर दीं। फायरिंग की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। वारदात के समय क्षेत्र में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं, जिससे कुछ देर के लिए पूरे इलाके में भय और तनाव का माहौल बन गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हमलावरों के पास ऑटोमेटिक हथियार थे और उन्होंने मेडिकल स्टोर को निशाना बनाकर कई राउंड फायर किए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कुछ ही सेकंड में मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
सूत्रों के अनुसार पुलिस इस मामले को कथित रंगदारी से जोड़कर भी जांच रही है। बताया जा रहा है कि मेडिकल स्टोर संचालकों को पहले धमकी भरे फोन कॉल और संदेश प्राप्त हुए थे। इसी आधार पर जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि फायरिंग का उद्देश्य डर पैदा करना था या इसके पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका है। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी गैंग या संगठन के नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
चंडीगढ़ के एस एस पी सुमेर सिंह के अनुसार मेडिकल स्टोर पर हुई फायरिंग में घायल हुए जानकी दास जो हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू का रहने वाला था की मृत्यु हो गई है। तकरीबन ढाई बजे ये हमला हुआ जिसमें एक शक्श मोटरसाइकिल पर बाहर था जबकि दो हमलावर मास्क पहने हुए दुकान के अंदर गए और ताबड़तोड़ फायरिंग कैशियर पर कर दी। 13 राउंड फायरिंग अंदर की गई जिसमें ऑटोमैटिक weapon का इस्तेमाल हुआ था। दुकान के मालिक को अभी तक किसी तरह का कोई धमकी नहीं मिली थी। हमलावर घटना को अंजाम देकर बाहर इंतजार कर रहे साथी के साथ मोटरसाइकिल पर भाग गए।
गौरतलब है कि जिस स्थान पर फायरिंग की घटना हुई, वहां से कुछ ही दूरी पर पुलिस का नाका मौजूद था। इसके बावजूद हमलावर वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार हो गए। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। जांच टीम एक्टिवा की पहचान, हमलावरों के भागने के रास्ते और उनकी गतिविधियों का पता लगाने में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है तथा आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।


