गड्ढा मुक्त सड़कों पर सख्त मुख्यमंत्री, 12 अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश

हरियाणा को गड्ढा मुक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित ‘म्हारी सड़क’ ऐप की मासिक समीक्षा बैठक में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने सात जिलों में सड़क शिकायतों को एक विभाग से दूसरे विभाग में ट्रांसफर कर समाधान में देरी करने वाले 12 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, रोहतक, गुरुग्राम, करनाल और पानीपत जिलों की शिकायतों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। इन मामलों में संबंधित विभागों ने शिकायतों को अपने क्षेत्राधिकार से बाहर बताकर बार-बार दूसरे विभागों को भेज दिया था।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (DLP) के दौरान यदि कोई ठेकेदार या एजेंसी सड़क मरम्मत का कार्य नहीं करती है, तो उसकी बैंक गारंटी तुरंत जब्त की जाए।
सरकार के अनुसार अब तक प्रदेश में 63,389 किलोमीटर लंबाई की कुल 1,43,065 सड़कों की मैपिंग की जा चुकी है, जबकि 31,939 शिकायतों का समाधान भी किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने एग्रीगेटर कंपनियों से जुड़े टैक्सी चालकों और आरटीओ कार्यालयों में टैक्सी पासिंग के लिए आने वाले चालकों के मोबाइल फोन में भी ‘म्हारी सड़क’ ऐप डाउनलोड कराने के निर्देश दिए, ताकि सड़क की वास्तविक स्थिति सीधे सरकार तक पहुंच सके।
उन्होंने सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में देरी पर चिंता जताते हुए टेंडर प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए। अब बिड सबमिशन की प्रक्रिया 10 दिनों के भीतर पूरी करने के आदेश जारी किए गए हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने हरियाणा के अंतरराज्यीय सीमा क्षेत्रों की सड़कों की विशेष देखभाल, मरम्मत और निर्माण कार्यों पर फोकस करने को कहा।
