झज्जर को मिली विकास परियोजनाओं की सौगात, मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 75 करोड़ रुपये से अधिक की 9 परियोजनाओं का किया उद्घाटन
महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने झज्जर को दी करोड़ों की विकास परियोजनाओं की सौगात
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को झज्जर जिले के रइया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय के अत्याधुनिक बागवानी अनुसंधान केंद्र सहित 75 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से तैयार 9 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के लिए कई नई विकास योजनाओं की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन अत्यंत प्रेरणादायक, गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक है क्योंकि यह महान योद्धा और भारत माता के अमर सपूत Maharana Pratap की जयंती का अवसर है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हमें सिखाता है कि संसाधनों की कमी कभी भी संकल्प शक्ति को कमजोर नहीं कर सकती।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा 9 दिसंबर 2024 को महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर का शिलान्यास किया गया था। इसी कड़ी में अब झज्जर के रइया में लगभग 100 एकड़ भूमि पर 13 करोड़ 27 लाख रुपये की लागत से आधुनिक बागवानी अनुसंधान केंद्र स्थापित किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह केंद्र झज्जर ही नहीं बल्कि पूरे हरियाणा के किसानों के लिए ज्ञान, नवाचार और आधुनिक कृषि तकनीक का प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां स्थापित अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में फल, सब्जी और पुष्प फसलों की उन्नत किस्मों पर अनुसंधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा पहले ही जींद, अंबाला, सोनीपत और करनाल में अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि चरखी दादरी में निर्माणाधीन केंद्र का कार्य भी जल्द पूरा हो जाएगा। इसके अलावा मुनीमपुर में पुष्प उत्पादन एवं बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र का भी उद्घाटन किया गया।
नायब सैनी ने कहा कि हरित क्रांति के बाद अब समय वैल्यू क्रांति और हॉर्टिकल्चर क्रांति की ओर बढ़ने का है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है और पिछले साढ़े 11 वर्षों में प्रदेश में बागवानी क्षेत्र का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। राज्य में इजराइल तकनीक आधारित 14 उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनका लाभ किसान उठा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कुरुक्षेत्र, जींद, सिरसा और करनाल में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। साथ ही कुरुक्षेत्र में 2000 एकड़ क्षेत्र में स्मार्ट एग्रीकल्चर मॉडल के तहत प्राकृतिक खेती शुरू की जाएगी। मोरनी ब्लॉक को भी प्राकृतिक एवं जैविक खेती के मॉडल ब्लॉक के रूप में विकसित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बादली उपमंडल में 50 बेड के अस्पताल के निर्माण, भिंडावास स्टेडियम को आदर्श स्टेडियम के रूप में विकसित करने, बादली विधानसभा क्षेत्र में 70 किलोमीटर लंबी 31 सड़कों के नवीनीकरण तथा मार्केटिंग बोर्ड की सड़कों के सुधार की घोषणा की।
इसके अलावा महाग्राम योजना के तहत बादली गांव में 50 करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन और 13 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल आपूर्ति परियोजना शुरू करने की घोषणा की गई। माछरौली में बीडीपीओ भवन का निर्माण कराया जाएगा, जबकि बादली गांव के विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कृषि केवल खेती तक सीमित नहीं है बल्कि यह एग्री-बिजनेस का स्वरूप ले चुकी है। भविष्य की चुनौतियों का सामना वैज्ञानिक सोच, नवाचार और सामूहिक प्रयासों से ही किया जा सकता है और यह अनुसंधान केंद्र उसी संकल्प का प्रतीक है।

