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रोहतक के डी-पार्क में जूते के शोरूम में भीषण आग, कई दुकानें चपेट में

चार लोगों के फंसे होने की आशंका, फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर

रोहतक, हरियाणा। रोहतक के डी-पार्क क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक जूते के शोरूम में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें आसपास की कई दुकानों तक फैल गईं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के कई घंटे बाद तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। प्रशासन ने रोहतक के अलावा अन्य जिलों से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के दुकानदारों को अपना सामान बचाने का भी पर्याप्त समय नहीं मिला। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक करीब एक दर्जन दुकानें आग की चपेट में आ गईं। वहीं शोरूम के अंदर काम कर रहे कुछ कर्मचारियों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चार लोगों के अंदर फंसे होने की संभावना है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। लापता कर्मचारियों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे लगातार अपने परिजनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं।

फायर ब्रिगेड की कार्रवाई पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने आरोप लगाया कि आग लगने के बाद पहली फायर ब्रिगेड की गाड़ी तो मौके पर पहुंची, लेकिन उसके बाद दूसरी गाड़ी आने में काफी समय लग गया। इस देरी को लेकर प्रशासन और अग्निशमन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आग की भयावहता को देखते हुए बाद में कई जिलों से अतिरिक्त फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गईं।

प्रशासन और नेताओं ने किया मौके का दौरा

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। रोहतक रेंज के आईजी समरदीप सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बताया कि कुछ लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव अभियान जारी है और प्रशासन सभी संभावित प्रयास कर रहा है।

वहीं दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि आग लगने की घटना तथा राहत कार्यों में हुई कथित देरी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने आग से प्रभावित व्यापारियों और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की।

 

नुकसान का आकलन जारी

 

आग से हुए नुकसान का अभी तक आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करोड़ों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई है। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया है और आग बुझाने के साथ-साथ अंदर फंसे लोगों की तलाश का अभियान जारी है।

 

फिलहाल पूरे शहर की निगाहें राहत एवं बचाव कार्य पर टिकी हैं और परिजन अपने प्रियजनों के सुरक्षित मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक जानकारी का इंतजार करने की अपील की है।

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