POK में बगावत की आग: हजारों लोग सड़कों पर, खूनी झड़पों में 15 की मौत, मुजफ्फराबाद की ओर बढ़ रहा जनसैलाब
JKJAAC का मुजफ्फराबाद की ओर 'लॉन्ग मार्च', हिंसक झड़पों के बीच पूरे क्षेत्र में धारा 144 लागू, जनजीवन पूरी तरह ठप
मुजफ्फराबाद, 16 जून:पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) इन दिनों बड़े जनआंदोलन और हिंसक विरोध प्रदर्शनों की चपेट में है। आरक्षित विधानसभा सीटों को समाप्त करने और आर्थिक सुधारों की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब व्यापक जनआक्रोश का रूप ले चुका है। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों में अब तक कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) ने भिंबर से एक विशाल “लॉन्ग मार्च” शुरू किया है। इस मार्च में लगभग 2,000 से 3,000 लोग शामिल हैं, जो आरक्षित विधानसभा सीटों को समाप्त करने, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और क्षेत्र में आर्थिक सुधार लागू करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का यह कारवां अब क्षेत्रीय राजधानी मुजफ्फराबाद की ओर बढ़ रहा है।
विरोध प्रदर्शनों के चलते पूरे POK में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बाजार बंद हैं, सार्वजनिक परिवहन ठप पड़ा है और पेट्रोल पंपों पर भी ताले लटके हुए हैं। कई शहरों और कस्बों में कारोबार पूरी तरह बंद रहने से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मुजफ्फराबाद समेत कई संवेदनशील क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी है। सुरक्षा बलों की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं और प्रमुख स्थानों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित बड़े टकराव को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।
अधिकारियों का अनुमान है कि लगातार बंद और अशांति के कारण क्षेत्र को प्रतिदिन लगभग 1 अरब पाकिस्तानी रुपये का आर्थिक नुकसान हो रहा है। व्यापारिक संगठनों और स्थानीय कारोबारियों ने हालात सामान्य करने की मांग की है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक मुद्दों तक सीमित नहीं है। लंबे समय से बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अवसरों की कमी और आर्थिक असमानता ने आम लोगों, खासकर युवाओं में भारी असंतोष पैदा किया है। हाल के महीनों में युवाओं ने कई बार इन मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराया था।
जैसे-जैसे प्रदर्शनकारी मुजफ्फराबाद की ओर बढ़ रहे हैं, पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकाला गया तो POK में यह आंदोलन और व्यापक रूप धारण कर सकता है, जिससे क्षेत्र की राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।