मर्डर मिस्ट्री से खुला नकली नोटों का साम्राज्य, अहमदाबाद में फर्जी करेंसी फैक्ट्री का भंडाफोड़
हत्या की जांच में मिला करोड़ों के नकली नोटों का नेटवर्क, हरियाणा तक फैले तार
अहमदाबाद, 8 जून
अहमदाबाद के वटवा क्षेत्र में हुई एक हत्या की जांच ने ऐसा चौंकाने वाला मोड़ लिया कि पुलिस भी हैरान रह गई। एक साधारण मर्डर केस की तह तक पहुंचने निकली पुलिस के हाथ नकली नोटों के अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश लग गया। जांच के दौरान पुलिस ने एक फ्लैट से फर्जी भारतीय मुद्रा छापने का पूरा हाईटेक सेटअप बरामद किया है।
मामला 27 मई 2026 का है, जब वटवा स्थित सतेज होम्स अपार्टमेंट से तेज दुर्गंध आने की शिकायत मिली। फ्लैट का दरवाजा खोलने पर पुलिस को इमरान सिंधा का शव बरामद हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया कि इमरान और उसके साथ रहने वाले कुछ लोगों के बीच खाने में चींटी मिलने को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर कथित तौर पर आरोपियों ने इमरान को बांधकर उसकी हत्या कर दी।
हालांकि, घटनास्थल से बरामद 500 रुपये के अधजले नकली नोट ने पूरे मामले की दिशा बदल दी।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को फ्लैट के भीतर नकली नोट बनाने का पूरा कारखाना मिला। मौके से हाईटेक लेजर प्रिंटर, लैमिनेशन मशीन, सिक्योरिटी थ्रेड, आरबीआई मार्किंग वाले विशेष बटर पेपर, महात्मा गांधी की तस्वीर वाले वॉटरमार्क और बड़ी मात्रा में नकली नोट छापने का कच्चा माल बरामद किया गया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मृतक इमरान सिंधा ही इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड था। उसने वटवा में किराए का मकान लेकर पिछले तीन महीनों से नकली नोट छापने का धंधा शुरू किया हुआ था। जिन लोगों को उसने इस अवैध कारोबार में लगाया था, उन्हीं पर अब उसकी हत्या का आरोप है। पुलिस को आशंका है कि पैसों के लेन-देन या आपसी विवाद के चलते आरोपियों ने अपने ही सरगना को मौत के घाट उतार दिया।
इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान हरियाणा कनेक्शन भी सामने आया है। हरियाणा से पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से भी बड़ी मात्रा में तैयार नकली नोट बरामद हुए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि यह नेटवर्क गुजरात से बाहर अन्य राज्यों तक फैला हुआ था।
पुलिस के अनुसार अब तक करीब 29 लाख रुपये अंकित मूल्य की नकली 500 रुपये की नोटें बरामद की जा चुकी हैं। जांच एजेंसियों का अनुमान है कि पिछले तीन महीनों में यह गिरोह लगभग 60 लाख रुपये की नकली भारतीय मुद्रा बाजार में उतार चुका हो सकता है।
वटवा पुलिस ने मृतक इमरान सिंधा समेत गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ हत्या, जालसाजी, नकली मुद्रा निर्माण और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने से संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूरे नेटवर्क, उसके वित्तीय स्रोतों और अन्य राज्यों में फैले संपर्कों की गहन जांच कर रही है।

