महाराष्ट्र ATS ने हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया, दो पिस्टल के साथ युवक गिरफ्तार

महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने हथियारों की तस्करी करने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है. एटीएस ने वर्धा के रहने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है. उसके पास से दो पिस्टल, चार मैगजीन और 94 जिंदा कारतूस जब्त किए गए. गिरफ्तार आरोपी की पहचान शुभम पवार (उम्र 22) के तौर पर हुई है.
अधिकारियों ने बताया कि ATS ने यह ऑपरेशन खुफिया जानकारी के आधार पर किया. आरोपी के पास से जब्त किए गए हथियारों और उनके पीछे के नेटवर्क के बारे में आगे की जांच चल रही है.
उन्होंने कहा कि ATS की शुरुआती जांच से पता चला है कि शुभम पवार और उसके कुछ साथी मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र में बड़ी मात्रा में हथियारों की तस्करी कर रहे थे. अब यह पता लगाने के लिए जांच शुरू की गई है कि क्या इन हथियारों को राज्य के अंदर आपराधिक गतिविधियों के लिए सप्लाई किया जाना था या किसी बड़ी साजिश के तहत इस्तेमाल किया जाना था.
ATS को जानकारी मिली कि रविवार रात (17 मई) को शुभम पवार और उसके साथी जलगांव बॉर्डर से लगे मध्य प्रदेश के इलाके से एक गुप्त रास्ते से महाराष्ट्र में घुसने की फिराक में थे. खुफिया जानकारी से यह भी पता चला कि उनके पास 10 हथियार और 400 जिंदा कारतूस थे. इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, ATS की नागपुर और अकोला यूनिट ने संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया और समृद्धि एक्सप्रेसवे के पास जाल बिछाया. पुलिस की मौजूदगी का पता चलने पर, आरोपियों ने मौके से भागने की कोशिश की.
अधिकारियों ने बताया कि शुभम पवार के साथी अंधेरे का फायदा उठाकर वारदात की जगह से भाग गए. हालांकि, जांच में पता चला कि शुभम ने बुलढाणा जिले के चिखली तालुका में पिंपरी कोली गांव में एक रिश्तेदार के घर पर पनाह ली है. ATS ने टेक्निकल इंटेलिजेंस और अपने स्थानीय इंटेलिजेंस नेटवर्क की मदद से उसे ट्रैक किया. इसके बाद, सोमवार (18 मई) दोपहर को नागपुर और अकोला ATS की टीमों ने मिलकर पिंपरी कोली में रेड मारी और शुभम को पकड़ लिया. उसकी तलाशी लेने पर दो पिस्टल, चार मैगजीन और 94 जिंदा कारतूस जब्त किए गए.
अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान, एक संगठित हथियार-तस्करी सिंडिकेट के संचालित होने का शक पैदा हुआ है. इस गैंग से जुड़े कम से कम दो और साथी अभी भी फरार हैं, और उनकी तलाश अभी चल रही है. यह भी जानकारी सामने आई है कि आरोपी, शुभम पवार, एक पुराना अपराधी है. अभी यह पता लगाने के लिए गहराई से जांच की जा रही है कि आरोपी ने ये हथियार असल में किसके लिए खरीदे थे—क्या उनका इस्तेमाल किसी बड़े अपराध में करना था, या उन्हें आपराधिक गिरोह को सप्लाई करने की कोई साजिश थी.
अधिकारी ने बताया कि इस मामले के संबंध में बुलढाणा जिले के रायपुर पुलिस स्टेशन में अलग-अलग धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है और ATS की टीम आगे की जांच कर रही है.


